स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने कहा कि जन सुनवाई के माध्यम से जन समस्याओं का समाधान हमारी प्राथमिकता है।
पटना। जदयू प्रदेश कार्यालय में बुधवार को जन सुनवाई कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री निशांत और परिवहन मंत्री
दामोदर रावत ने फरियादियों की समस्याओं को सुना और प्रत्येक शिकायत के समयबद्ध एवं विधिसम्मत
निष्पादन को सुनिश्चित करने हेतु संबंधित अधिकारियों को दूरभाष के माध्यम से आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जन
सुनवाई कार्यक्रम में जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा तथा बिहार विधान परिषद में सत्तारूढ़ दल के
मुख्य सचेतक संजय कुमार सिंह उर्फ गांधी भी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर निशांत ने कहा कि जन सुनवाई के माध्यम से जन समस्याओं का समाधान हमारी प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा कि दूर-दराज क्षेत्रों से आने वाले आमजन की समस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी निवारण के लिए हर
स्तर पर आवश्यक पहल की जाती है। साथ ही उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी,
सुलभ एवं आधुनिक बनाने के लिए निरंतर ठोस एवं दूरदर्शी कदम उठा रही है। निशांत ने कहा कि सर्वाइकल, स्तन
(ब्रेस्ट) एवं प्रोस्टेट कैंसर की स्क्रीनिंग को जन-आंदोलन का स्वरूप देने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए राज्य
की लगभग एक लाख आशा कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी, ताकि कैंसर की समय पर
पहचान एवं उपचार को बढ़ावा मिल सके।
निशांत कुमार ने कहा कि राज्य के अस्पतालों को अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों एवं आधुनिक मशीनों से
सुसज्जित किया जा रहा है। साथ ही इमरजेंसी स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने, अस्पतालों में बेड क्षमता का
विस्तार करने तथा राज्यभर में उपलब्ध इमरजेंसी बेड की रियल-टाइम जानकारी उपलब्ध कराने के लिए केंद्रीकृत
साॅफ्टवेयर विकसित करने का निर्णय लिया गया है। इन निर्णयों के प्रभावी क्रियान्वयन से राज्य की स्वास्थ्य
सेवाएं और अधिक सुदृढ़, सुलभ एवं जनोन्मुखी बनेंगी तथा आमजन को आवश्यकता के अनुरूप समयबद्ध,
गुणवत्तापूर्ण एवं बेहतर चिकित्सीय सुविधाएं उपलब्ध होना सुनिश्चित होगा।
