पटना। राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने बुधवार को नालंदा खुला विश्वविद्यालय में ऑनलाइन क्लास स्टूडियो एवं

मास कम्युनिकेशन स्टूडियो का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने विश्वविद्यालय को इन नई सुविधाओं के

लिए बधाई देते हुए कहा कि ये डिजिटल शिक्षा और आधुनिक संचार को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण

पहल हैं। उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में संचार परिवर्तन का सबसे सशक्त माध्यम है तथा भारत को अपनी

सभ्यतागत विरासत और उपलब्धियों की कहानी विश्व के समक्ष आत्मविश्वास के साथ प्रस्तुत करनी चाहिए।

राज्यपाल ने छात्रों एवं शिक्षकों से सोशल मीडिया, पॉडकास्ट, कृत्रिम बुद्धिमत्ता तथा अन्य डिजिटल माध्यमों का

प्रभावी उपयोग करते हुए नालंदा की गौरवशाली विरासत, बिहार की बौद्ध परंपरा और भारत की समृद्ध सभ्यतागत

धरोहर पर आधारित प्रभावशाली लघु डिजिटल सामग्री तैयार करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार

के प्रयास भारत की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक स्तर पर व्यापक पहचान दिलाने में सहायक होंगे। कृत्रिम

बुद्धिमत्ता की बढ़ती भूमिका का उल्लेख करते हुए उन्होंने विद्यार्थियों और शिक्षकों से उभरती प्रौद्योगिकियों को

अपनाने तथा उन्हें अध्ययन, अध्यापन और संचार का अभिन्न हिस्सा बनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि जो

लोग समय के साथ कृत्रिम बुद्धिमत्ता को नहीं अपनाएंगे, वे तेजी से बदलती तकनीकी दुनिया में पीछे रह जाएंगे।

इस अवसर पर राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह, नालंदा खुला विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.

रविंद्र कुमार, कुलसचिव प्रो. अभय कुमार सिंह, नालंदा की जिलाधिकारी उदिता सिंह, पुलिस अधीक्षक भरत सोनी,

विश्वविद्यालय के शिक्षकगण, विद्यार्थीगण तथा अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।