उमेश कुशवाहा ने कहा कि 211 नए डिग्री कॉलेजों में पठन-पाठन की शुरुआत ‘उन्नत शिक्षा-उज्ज्वल भविष्य’ के

संकल्प को मूर्त रूप देगा।

पटना। जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने बुधवार को दावा किया कि नीतीश कुमार की अति

महत्वाकांक्षी ‘सात निश्चय-3’ योजना के चौथे निश्चय ‘उन्नत शिक्षा-उज्ज्वल भविष्य’ के तहत मुख्यमंत्री सम्राट

चौधरी के कर-कमलों से राज्य के 211 प्रखंडों के नए डिग्री कॉलेजों में पठन-पाठन की शुरुआत बिहार की शिक्षा

व्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक ले जाने वाला ऐतिहासिक कदम साबित होगा। उन्होंने कहा कि आधुनिक सुविधाओं

से सुसज्जित इन संस्थानों की स्थापना से न केवल ग्रामीण व सुदूर क्षेत्रों में उच्च शिक्षा की सुगमता सुनिश्चित

होगी, बल्कि इसका सर्वाधिक लाभ सूबे की बेटियों और उन युवाओं को मिलेगा, जो संसाधनों और समय के अभाव

में उच्च शिक्षा से वंचित रह जाते हैं। इस ऐतिहासिक कदम से छात्र-छात्राओं के समय और संसाधन, दोनों की बचत

होगी, जिससे वे अधिक से अधिक संख्या में उच्च शिक्षा से जुड़ सकेंगे।

उमेश कुशवाहा ने कहा कि किसी भी प्रगतिशील और समृद्ध समाज के निर्माण की धुरी केवल और केवल

गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ही है। इसी लोक-कल्याणकारी ध्येय को केंद्र में रखकर नीतीश कुमार के कुशल नेतृत्व में

एनडीए सरकार ने वर्ष 2005 के बाद से ही राज्य की संपूर्ण शिक्षा व्यवस्था के सिस्टेमिक रिफाॅर्म्स को अपनी

सर्वोच्च प्राथमिकता बनाया है। विकास के इस विजनरी माॅडल का प्रत्यक्ष प्रमाण आंकड़ों में भी परिलक्षित होता है।

उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि वर्ष 2005 में शिक्षा का कुल बजट मात्र 4,366 करोड़ रुपये था, जो

वित्तीय वर्ष 2025-26 में बढ़कर 77,690 करोड़ रुपये हो गया है, जो राज्य के कुल बजट का 22 प्रतिशत है। इसके

साथ ही राज्य में विद्यालयों की संख्या 53,993 से बढ़कर 75,812 हो चुकी है और शिक्षकों की संख्या भी

2,25,000 से बढ़कर तकरीबन 6 लाख तक पहुंच चुकी है, जो बिहार के उज्ज्वल भविष्य के प्रति एनडीए सरकार

के दृढ़ संकल्प को दर्शाती है।