निशांत ने कहा कि राज्य के प्रत्येक मरीज को बेहतर, गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध इलाज उपलब्ध कराना सरकार
की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
पटना। स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने बुधवार को पटना के प्रमुख मेडिकल कॉलेज एवं चिकित्सा संस्थानों के प्राचार्य,
अधीक्षक, निदेशकों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक के दौरान प्रत्येक संस्थान में उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं,
विभिन्न प्रकार की सर्जरी, सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं, मरीजों को मिलने वाले उपचार तथा स्वास्थ्य सेवाओं के
विस्तार की जानकारी ली गई। उन्होंने राज्य के जिलों के मेडिकल काॅलेज एवं अस्पतालों में लंबित सर्जरी को
आईजीआईएमएस, एम्स और मेदांता जैसे संस्थानों में कराने के निर्देश दिए। साथ ही जिलों के मेडिकल काॅलेजों में
लंबित सर्जरी की सूची विभाग को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। शुक्रवार तक प्रत्येक चिकित्सा संस्थान को
लंबित सर्जरियों का अद्यतन डेटा स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध कराना है।
सभी संस्थानों के प्रमुखों से सुझाव आमंत्रित करते हुए निशांत ने कहा कि राज्य के प्रत्येक मरीज को बेहतर,
गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध इलाज उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। बैठक में सभी प्रमुख
चिकित्सा संस्थानों को अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों एवं आधुनिक मशीनों से सुसज्जित करने पर विशेष जोर
दिया गया। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक और बेहतर संसाधनों के माध्यम से मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य
सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। उन्होंने निर्देश दिया कि मुख्यमंत्री सहायता कोष एवं आयुष्मान भारत योजना का
अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाए, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों की महंगी एवं जटिल सर्जरी भी
बिना वित्तीय बाधा के कराई जा सके।
बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि सभी अस्पतालों के बाहर बड़े एवं स्पष्ट डिस्प्ले बोर्ड लगाए जाएं, जिन पर
अस्पताल में उपलब्ध विभागों, विशेषज्ञ चिकित्सकों, प्रमुख चिकित्सा सुविधाओं तथा सर्जरी संबंधी सेवाओं की
जानकारी प्रदर्शित की जाए, ताकि मरीजों एवं उनके परिजनों को आवश्यक जानकारी आसानी से प्राप्त हो सके।
बैठक में अस्पतालों में ओटी असिस्टेंट, ओटी तकनीशियन एवं डाटा आपरेटर जैसे आवश्यक मानव संसाधनों की
कमी को शीघ्र दूर करने का निर्देश दिया गया। साथ ही जिन मेडिकल कालेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर एवं एसोसिएट
प्रोफेसर के पद रिक्त हैं, वहां भी जल्द नियुक्ति कर आवश्यक मानव संसाधन उपलब्ध कराने की बात कही गई।
निशांत ने कहा कि राज्य के सभी अस्पतालों में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं का लगातार विस्तार किया जाएगा
तथा मरीजों को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने के लिए नियमित मानीटरिंग की जाएगी। उन्होंने
सभी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पतालों के प्रमुखों को निर्देश दिया कि शुक्रवार तक प्रत्येक संस्थान में लंबित सर्जरियों
(सर्जरी वेटिंग लिस्ट) का अद्यतन डेटा स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध कराया जाए ताकि आवश्यकतानुसार विशेष
अभियान चलाकर लंबित सर्जरियों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित किया जा सके। बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं को और
अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं मरीज-केंद्रित बनाने के लिए विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई तथा
आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।
